सतना में बरगी नहर परियोजना तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही है। सांसद गणेश सिंह ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर भू-अर्जन, मुआवजा, एनएच क्रॉसिंग सहित सभी बाधाएं जल्द दूर कर किसानों तक नर्मदा जल पहुंचाने के निर्देश दिए।
सतना में नर्मदा जल पहुंचाने की परियोजना को लेकर अक्टूबर-नवंबर 2026 की नई समयसीमा सामने आई है। वर्षों से मिलती तारीखों के बीच टनल निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी अधूरा है।
सतना में बरगी टनल का कार्य मई अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। सांसद गणेश सिंह ने सिंचाई और जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा कर नहर निर्माण तेज करने के निर्देश दिए।
गुनौर उद्वहन सिंचाई परियोजना की घोषणा किसानों के लिए उम्मीद जरूर जगाती है, लेकिन बरगी नहर की तकनीकी खामियां, पानी की कमी और अधूरी टनल निर्माण ने इस योजना को संदेहों से घेर दिया है। सतना, रीवा और मैहर के किसानों को अब भी भरोसा नहीं कि गुनौर तक पानी पहुंचेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट जिसमें नर्मदा के पानी, बरगी परियोजना के आंकड़े, ठेकेदार की मनमानी और किसानों की चिंता शामिल है।
बरगी नहर परियोजना से सतना-रीवा को नर्मदा जल देने का दावा अब संदेह में है। टनल निर्माण अधूरा, नहरें क्षतिग्रस्त, ठेकेदार की मनमानी और आउट ऑफ कमांड एरिया में पानी देने से किसानों के हिस्से का आवंटित पानी अधर में लटका।
सतना और रीवा जिलों के हजारों किसानों के लिए महत्वपूर्ण बरगी नहर की टनल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सांसद गणेश सिंह ने स्लीमनाबाद में टनल स्थल का निरीक्षण कर जानकारी दी कि केवल 850 मीटर कार्य बाकी है, जो दिसंबर 2025 से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा। तकनीकी अमला युद्धस्तर पर कार्यरत है और जल्द ही नर्मदा जल इन जिलों की नहरों में प्रवाहित होने लगेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना के सिंहपुर में महिला सम्मेलन के दौरान डेढ़ माह में नर्मदा जल पहुंचाने का वादा करते हुए सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने का संकल्प लिया। श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के तीर्थ रूप में विकास, गौपालन के लिए अनुदान और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं की घोषणाएं की गईं।



















